असम विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी की सहयोगी असम गण परिषद ने 26 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की है। इन उम्मीदवारों में 13 मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल हैं। इसके अलावा इन 13 लोगों में से 2 उम्मीदवार ऐसे हैं, जो कि पहले ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के विधायक रह चुके हैं।
एजीपी द्वारा घोषित की गई लिस्ट में असम की हिमंत सरकार में मंत्री अतुल बोरा को एक बार फिर से बोकाखाट सीट से उम्मीदवार बना गया है, वहीं उनके कैबिनेट सहयोगी केशव महंत को कालीआबोर सीट से दोबारा टिकट मिला है। इसके अलावा विधायक दीप्तिमोयी चौधरी और पृथ्वीराज राभा को क्रमशः बोंगाईगांव और तेजपुर से एक बार फिर टिकट दिया गया है। परीसीमन के दौरान बदली गई सीट के आधार पर अमगुरी से विधायक प्रदीप हजारिका को शिवसागर सीट पर भेजा गया है।
एआईयूडीएफ से असम गण परिषद में आए दो विधायकों को भी पार्टी ने टिकट दिया है। इनमें सोनाई सीट से विधायक करीमउद्दीन बरभुइया को टिकट मिला है, जिन्होंने कुछ समय पहले ही एआईयूडीएफ का साथ छोड़ा था। इसके अलावा हैलाकांडी सीट से विधायक जाकिर हुसैन लास्कर को भी उनकी पुरानी पार्टी ने निलंबित कर दिया था, जिसके बाद उनकी नजदीकी गण परिषद के साथ बढ़ी। अब पार्टी ने उन्हें हैलाकांडी से ही उम्मीदवार बनाया है।
इन सब के अलावा रामेंद्र नारायण कलिता को कामालपुर, फणी भूषण चौधरी को धुबरी, उत्पल दत्ता को चायगांव, बिनंदा सैकिया को नौगांव, नारायण डेका को बारपेटा, रंजीत कुमार दास को सरभोग, हितेश बसुमातारी को तामुलपुर, वृंदावन गोस्वामी को जोरहाट, विरेंद्र प्रसाद वैश्य को लखीमपुर, करुणा कांता स्वर्गियारी को उदालगुड़ी, सिराजुद्दीन अजमल को दक्षिण सलमारा, साहेब अली अहमद को गोलपारा पूर्व, रफीकुल इस्लाम को मंगलदोई, अब्दुल बासित को करीमगंज दक्षिण, हाफिज राशिद अहमद को बराकपुर, तपन दास को धोलाई, जयंत दास को पटारकुची,दुलाल चंद्र गोस्वामी को पलाश बाड़ी और प्रमोद कलिता को बारपेटा रोड से उम्मीदवार बनाया गया है।
आपको बता दें, असम में एनडीए के सीट बंटवारे के मुताबिक भाजपा को 89 सीट, एजीपी को 26 सीट और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट को 11 सीटों पर उम्मीदवारी मिली है। 126 सदस्यों वाली इस विधानसभा के लिए चुनाव 9 अप्रैल को होंगे, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी।
