
डिहरी-ऑन-सोन (रोहतास) स्थित ई. ललन सिंह स्पोर्टिंग क्लब परिसर में 1857 की प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महान योद्धा वीर बाबू निशान सिंह के वीरगति दिवस का आयोजन श्रद्धा, सम्मान और गौरव के साथ किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, इतिहास प्रेमियों, जनप्रतिनिधियों तथा विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने भाग लेकर वीर योद्धा को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि रोहतास-शाहाबाद की धरती वीरों और बलिदानियों की भूमि रही है। वर्ष 1857 की क्रांति में जिस प्रकार वीर बाबू कुंवर सिंह ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष का नेतृत्व किया, उसी प्रकार उनके सहयोगी वीर बाबू निशान सिंह ने भी अंतिम सांस तक अंग्रेजों का डटकर मुकाबला किया। उन्होंने अपने अदम्य साहस, वीरता और देशभक्ति से स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में अमिट छाप छोड़ी।
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि रोहतास-शाहाबाद की उस गौरवशाली परंपरा को जीवित रखा जाए, जिसने देश को अनेक महान योद्धा दिए। इतिहास के पन्नों में अक्सर जिन स्थानीय नायकों का उल्लेख सीमित रह गया, उन्हें समाज के सामने लाने और नई पीढ़ी को उनके योगदान से परिचित कराने के लिए ऐसे आयोजनों का निरंतर होना बेहद आवश्यक है।वक्ताओं ने कहा कि केवल वीर बाबू कुंवर सिंह ही नहीं, बल्कि वीर बाबू निशान सिंह, बाबू अमर सिंह, रंजीत ग्वाला और क्षेत्र के अनेक अन्य क्रांतिकारियों ने भी अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
इन योद्धाओं के त्याग, बलिदान और राष्ट्रभक्ति की कहानियां युवाओं तक पहुंचनी चाहिए, ताकि उनमें देशप्रेम और अपने गौरवशाली इतिहास के प्रति सम्मान की भावना विकसित हो सके।कार्यक्रम के दौरान वीर बाबू निशान सिंह के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई तथा उनके जीवन, संघर्ष और बलिदान पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता हमें सहज रूप से प्राप्त नहीं हुई, बल्कि इसके लिए हजारों वीर सपूतों ने अपने प्राणों की आहुति दी। ऐसे में उनका स्मरण करना और उनके आदर्शों को आगे बढ़ाना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।इस अवसर पर उपस्थित मंत्रीगण एवं अन्य गणमान्य लोगों ने भी अपने संबोधन में कहा कि सरकार और समाज मिलकर स्वतंत्रता संग्राम के स्थानीय नायकों को उचित सम्मान दिलाने का कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से क्षेत्र के गौरवशाली इतिहास को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वीर बाबू निशान सिंह जैसे महान स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति को जीवित रखना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। साथ ही यह संकल्प भी लिया गया कि रोहतास-शाहाबाद के 1857 के इतिहास और उसके वीर योद्धाओं की गाथा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का अभियान लगातार जारी रहेगा।
