चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल में मुख्य विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने आज (गुरुवार, 26 मार्च) को दावा किया कि अगर उनकी पार्टी पश्चिम बंगाल में सत्ता में आती है, तो पुलिस प्रशासन में आमूल-चूल बदलाव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार अपराधियों के खिलाफ ”उत्तर प्रदेश की शैली में ही भुठभेड़” करना शुरू कर देगी। खड़गपुर में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में पुलिस अभी सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के इशारे पर काम करती है और अपराधियों तथा ‘माफिया’ के खिलाफ कार्रवाई करने में नाकाम रहती है।
घोष ने कहा, ”चार मई के बाद सब कुछ बदल जाएगा। जिस पुलिस को आप आज माफिया के साथ बैठकर चाय पीते हुए और भ्रष्ट नेताओं के ‘चमचे’ के तौर पर काम करते हुए देखते हैं, उसका चरित्र बदल जाएगा। वही पुलिस उत्तर प्रदेश की शैली में मुठभेड़ करेगी और अपराधियों को सलाखों के पीछे डालेगी।” उनके इन बयानों ने राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया। तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा पर खुले तौर पर गैर-न्यायिक तरीके से हिंसा का समर्थन करने का आरोप लगाया। कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने कहा, “एनकाउंटर संस्कृति उत्तर प्रदेश में चलती है, बंगाल में नहीं। चुनाव आयोग को उनके भाषण का संज्ञान लेना चाहिए।”
बेबाक और आक्रामक राजनीतिक शैली रखने वाले घोष ने आलोचनाओं से बेपरवाह रहते हुए तृणमूल पर अपना हमला और तेज कर दिया, और दावा किया कि उन्होंने खड़गपुर में लंबे समय तक ‘गुंडों और माफिया’ से लड़ाई लड़ी है और आगे भी लड़ते रहेंगे। उन्होंने कहा, ”मैंने खड़गपुर में गुंडों और माफिया के खिलाफ कई लड़ाइयां लड़ी हैं, और मैं फिर लड़ूंगा। लेकिन शायद इस बार इसकी जरूरत न पड़े। एक बार जब भाजपा सत्ता में आ जाएगी, तो अपराध में शामिल हर व्यक्ति पकड़ा जाएगा और जेल भेजा जाएगा।”
